करेलू ना हमके प्यार तू छोड़ी के अकेला में।
दिल तोड़ के कहेलू तू काहे पड़ला झमेला में।
जबले रही ई जिनगी प्यार तोहसे करब हम।
हरदम करिला याद तोहके हम साँझे सबेरा में।
मुस्का के मरलू जान तू छोड़लु ना केवनो काम के।
तड़पे के छोड़ दिहलु तू दुनिया के मेला में।
दिल लुट लिहलु तू खाली सांस बाकी बा।
नजर में बस ग़इलू तू रहा हमरे करेजा में।
जेतना भुलाईल चाही हम आवेलु याद ओतना ।
फंस गइले अब भारती तोहरे लुका छिपी के खेला में।
– श्याम कुंवर भारती , बोकारो, झारखंड, ph no -.9955509286