( 1 ) शिवसी छवि
सदा पिता में देखी .,
श्रीकृपा भयी !!
( 2 ) बनके ज्योति
श्रीअमरनाथी जी..,
प्रेम लौ लगी !!
( 3 ) माँ श्रीजावित्री
भगवती प्रसाद..,
मूर्ति प्रभु सी !!
( 4 ) आनंदमयी
है शुभानन छवि..,
हृदय बसी !!
( 5 ) मधुर यादें
हैं प्रेरणादायिनी..,
जीवन खुशी !!
(अमरनाथी) 96 वीं जन्म जयंती
– सुनील गुप्ता (सुनीलानंद), जयपुर, राजस्थान