ना अब कभी हम तुमको छुयेंगे, ना अब कभी बात तुमसे करेंगे।
हमको नहीं अब मतलब तुमसे, ना अब करीब हम तुम्हारे रहेंगे।।
ना अब कभी हम तुमको छुयेंगे—————–।।
हम जा रहे हैं अब तुमसे बहुत दूर, बुलाना नहीं अब हमको तुम।
नहीं आयेंगे वाफिस हम लौटकर, लिखना नहीं खत हमको तुम।।
ना अब कभी तुमको हम मिलेंगे, ना अब मिलना हम तुमसे चाहेंगे।
हमको नहीं अब मतलब तुमसे, ना अब करीब हम तुम्हारे रहेंगे।।
ना अब कभी हम तुमको छुयेंगे——————-।।
कहते हो तुम तो हमको पापी, आखिर तुम हो कितने पवित्र।
देखी है तुमने अपने चेहरे पे गर्द, शीशे को तुमने सामने रखकर।।
ना अब कभी तुमको अपना कहेंगे, ना अब तुम्हारी हम तारीफ करेंगे।
हमको नहीं अब मतलब तुमसे, ना अब करीब हम तुम्हारे रहेंगे।।
ना अब कभी हम तुमको छुयेंगे——————–।।
अफसोस हमको यह हो रहा है, बर्बाद तुमपे हम क्यों हो गए।
जिसने किया हमें प्यार सच्चा, हम बेवफा उससे क्यों हो गए।।
ना अब कभी तुमपे यकीन करेंगे, ना अब कभी तुमसे प्यार करेंगे।
हमको नहीं अब मतलब तुमसे, ना अब करीब हम तुम्हारे रहेंगे।।
ना अब कभी हम तुमको छुयेंगे——————-।।
कर लो किसी पर विश्वास कितना, ना वह वफ़ा तुमसे निभा पायेगा।
करेगा तुम्हें जब वह बर्बाद, बदनाम, तुम्हें प्यार हमारा याद आयेगा।।
ना अब कभी तुमसे दिल की बात कहेंगे, ना अब कभी तेरे आगे झुकेंगे।
हमको नहीं अब मतलब तुमसे, ना अब करीब हम तुम्हारे रहेंगे।।
ना अब कभी हम तुमको छुयेंगे——————-।।
– गुरुदीन वर्मा.(आज़ाद), तहसील एवं जिला- बारां (राजस्थान)