मनोरंजन

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

यार पैसा न काम आयेगा,

अब मेरा राम काम आयेगा।

 

साथ छोड़ेगी अब ये काया भी,

अब न ये चाम काम आयेगा।

 

यार रिश्ते सभी ये झूठे हैं,

बस तेरा राम काम आयेगा।

 

चाम के बाद फिर बचेगा क्या?

सबको आवाम याद आयेगा।

 

भूल जा अब बुरा नही सोचो।

जो दे आराम काम आयेगा।

– रीता गुलाटी ऋतंभरा, चण्डीगढ़

Related posts

मेरी कलम से – डॉ क्षमा कौशिक

newsadmin

आओ मिलके पेड़ लगायें – अनिरुद्ध कुमार

newsadmin

आकाश में नए द्वार खोलती भारत की अंतरिक्ष डॉकिंग – डॉ. सत्यवान सौरभ

newsadmin

Leave a Comment