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आया बाबा शरण तिहारी – अनिरुद्ध कुमार

शंकर सा ना कोई दूजा।

चलो करें भोले की पूजा।।

अवघड़ दानीं ये कहलायें।

सारी दुनिया शीश झुकायें।।

 

धरती अंबर डोल रहा है।

जय शिवशंकर बोल रहा है।।

औघड़दानी त्रिशूल धारी।

बमबम शंकर सुनें हमारी।

 

मंदिर मंदिर मय नर नारी।

जपते बमबम हे त्रिपुरारी।।

भीड़ लगी है बहुते भारी।

चढ़ा रहें जल बारी बारी।।

 

बसहा बैल इनकी सवारी।

अंग भभूत पितांबर धारी।।

सिर पे शोभे गंगा धारा।

नाग गले में है चमत्कारी।।

 

जप ले मन से भोले दानीं।

बमबम बाबा हैं कल्यानी।।

दुखियारी जीवन से हारी।

आया बाबा शरण तिहारी।।

– अनिरुद्ध कुमार सिंह

धनबाद, झारखंड

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