मनोरंजन

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

हाले दिल मे तू बसा ले फिर बताना दोस्तो,

जो छूपे है दिल मे तेरे वो दिखाना दोस्तों।

 

यार तुम हंसते रहो भगवान  से है प्रार्थना,

जिंदगी  खुशियों  से गुजरे,हो न शिकवा दोस्तों।

 

खूबसूरत  आपका चहरा बड़ा प्यारा लगे‌।

दिल क़ो थामूं आज कितना,ना सम्भलता दोस्तों।

 

कर रहे मेंहनत बड़ी हम जीत भी हम जायेंगे,

जीत का सहरा हमारे सर बंधेगा दोस्तो।

 

प्रेम की मूरत समझ लूं प्यार तुमसे मैं करूं ,

सिलसिला  ये प्यार  का दिन रात बढ़ता दोस्तों ।

 

हो मुरादे आपकी पूरी सभी हर हाल मे,

खूबसूरत प्यार की महफिल  सजाना दोस्तों ।

– रीता गुलाटी  ऋतंभरा, चंडीगढ़

Related posts

पूर्णिका – श्याम कुंवर भारती

newsadmin

एंटीबायोटिक दवाओं का बढ़ता उपयोग हानिकारक – सुभाष आनंद

newsadmin

सैपर अमरजीत सिंह शौर्य चक्र (मरणोपरान्त) – हरी राम यादव

newsadmin

Leave a Comment