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साक्षरता का अधिकार है – राजेश कुमार झा

महिलाओं को शिक्षा और साक्षरता का अधिकार है।

महिलाए मानव जीवन का आधार है।।

 

महिलाओं से होती सभी के जीवन में बहार है।

महिलाएं जिस घर में न हो तो वो घर होता बेहाल और बेजार है।।

महिलाए से हर रिश्ते और नातो में होती संबंधों में पतवार है।

महिलाए मां बहिन बेटी और दादी का दुलार है ।।

महिला ही अर्धंगिनी बनकर करती घर उद्धार है।

महिलाओं को शिक्षा और साक्षरता का अधिकार है।।

 

माना की आज का परिवेश  बदला है।

पर कहा आदमियों से कम महिलाओं का हौसला है।।

महिलाओं के बीना होता सभी का जीवन निराधार है।

महिलाए ही संस्कार देती और करती बच्चो के भविष्य का निर्माण है।

हमे हमारी मां बेटी और अर्धांगिनी का  मान बढ़ाना दिखाते हमारे संस्कार है।।

 

महिलाओं से होती हर घर में खुशियां अपरंपार है।

हमे हमारी भारत की महिलाए पर होता अभिमान है।।

मातृ शक्ति की भारतवर्ष में एक अलग पहचान है।

महिलाओं से भी भारत देश की सदियों से शान है।।

महिलाओं को शिक्षा और साक्षरता का अधिकार है।

– राजेश कुमार झा, बीना,  मध्य प्रदेश

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