मनोरंजन

दर्द – सुनीता मिश्रा

जाने क्यूं नही दिखता

किसी को दर्द मेरा

मेरी तस्वीर के साथ

क्यूँ नही आती तस्वीर

मेरे दर्द की किसी भी कैमरे में

देखते  तो हैं सब ही तस्वीर मेरी

जाने क्यूँ नही दिखते किसी को

भाव दर्द के मेरी तस्वीर मे

हल्की सी स्मित ही रहती है

सब देखते हैं मेरी स्मित को

पर लगता है सबको

नही है कोई दर्द मुझे

शायद इसलिए नही दिखता

किसी को दर्द मेरा

और नही लेता है कोई

मेरे साथ तस्वीर मेरे दर्द की

✍सुनीता मिश्रा, जमशेदपुर

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