मनोरंजन

क्रोध – राजेश कुमार झा

क्रोध इंसान का सबसे बड़ा शत्रु है।

जिसे आता है उसे बलहीन करता है।।

बल के साथ साथ उसकी बुद्धि भी हरता है।

क्रोध में जाने इंसान क्या क्या करता है।।

क्रोध इंसान के पतन का कारण भी बनता है।

क्रोध में इंसान गुनाह कर बैठता है।।

क्रोध में इंसान अपना मान भंग भी करता है।

इतने सब कारण होने के बाद भी इंसान।।

क्रोध से तौबा तोबा क्यों नही करता है।

क्रोध इंसान का सबसे बड़ा शत्रु है ।।

जिसे आता है उसे बल हीन करता है।

क्रोध इंसान की सबसे बड़ी कमजोरी है।

जिससे बचना सभी को बहुत जरूरी है।।

क्रोध ने अच्छे अच्छों को नेस्तनाबूद कर दिया है दोस्तों।

क्रोध ने तो इंसान की चिता जलाकर ही छोड़ी है।।

क्रोध इंसान का सबसे बड़ा शत्रु है।

जिससे बचना सभी को बहुत जरूरी है ।।

– राजेश कुमार झा, बीना, मध्य प्रदेश

Related posts

आदि-पुरूष – भूपेंद्र राघव

newsadmin

मसूरी – झरना माथुर

newsadmin

जबलपुर में हरि मिलन प्रसंग का साहित्य आयोजन

newsadmin

Leave a Comment