मनोरंजन

गणपति उत्सव – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

लंबोदर हर रूप में, हृदय बसें हैं आप।

जा देते आशीष प्रभु, मिटे सर्व संताप।।

विद्या बुद्धि प्रदान कर, आप बढ़ाएं ज्ञान।

*जिसके उचित प्रयोग से, सब पायें सम्मान।।

<>

हे शुभदायक बुद्धि प्रदायक विघ्न हरो सब देव हमारे।

पूजन नित्य करें मन से तव ध्यान करें शुभ मंत्र विचारे।

भक्ति भरो यह भाव लिये अरदास करें हम द्वार तुम्हारे।

सर्व मनोरथ पूर्ण करो चलता यह जीवन आप सहारे।6

– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश

Related posts

फिर वो ही – सविता सिंह

newsadmin

प्राकृतिक चिकित्सा और महात्मा गांधी – नारायण भाई भट्टाचार्य

newsadmin

तुम नहीं तो मैं नहीं हूँ – अनुराधा पाण्डेय

newsadmin

Leave a Comment