राष्ट्रीय

मणिपुर में हिंसा रोकने के लिए बुलाई गई सेना

मणिपुर में हिंसा रोकने के लिए बुलाई गई सेना और असम राइफल्स ने अब तक लगभग 23 हजार नागरिकों को सफलतापूर्वक बचाया है और उन्हें आपरेटिंग कैंप में ले जाया गया है। रविवार को सेना ने एक बयान में कहा कि बचाव अभियान शुरू होने के बाद से हिंसा की कोई बड़ी घटना नहीं हुई है, जिसके परिणामस्वरूप कफ्र्यू में ढील दी गई है।

चूड़चंदपुर में सुबह सात बजे से 10 बजे तक कफ्र्यू में ढील दी गई है। बयान के अनुसार, सेना और असम राइफल्स के जवानों का प्रयास रंग ला रहा है। सभी समुदायों के नागरिकों को बचाने, हिंसा पर अंकुश लगाने और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए जवान 96 घंटों से लगातार काम कर रहे हैं। बड़ी हिंसा की सूचना नहीं है और इसलिए कफ्र्यू में ढील दी जा रही है।

पिछले 24 घंटों में सेना ने हवाई निगरानी बढ़ा दी है। इंफाल घाटी के भीतर सेना के हेलीकाप्टरों के माध्यम से निगरानी में काफी वृद्धि हुई है।राज्य के पुलिस महानिदेशक पी डोंगल ने कहा है कि सुरक्षा बलों के हस्तक्षेप के बाद राज्य में स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य में आरएएफ, बीएसएफ और सीआरपीएफ सहित अन्य बलों को तैनात किया गया है। रविवार को हिंसा प्रभावित मणिपुर से नगालैंड के 676 नागरिकों को सुरक्षा बलों द्वारा सुरक्षित निकाला गया।

 

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