शिव जी की करते हम वंदना,
जीवन सबका मंगल मय हो,
हर दिल में धर्म की ज्योति जले
तिमिर नष्ट हो इस भू मंडल का।
काम , क्रोध, लोभ, मोह, भ
विध्न बाधाएं सबकी हर लो,
दया, धर्म, क्षमा,शांति, साधन,
यश कीर्ति सबको प्रदान करो।
मां पार्वती ने गौरीकुंड में तप किया,
तब मां अर्पणा नाम पाया है,
मां शैल पुत्री तपश्चारिणी,
भक्तों का नित मंगल करती ।
पुत्र कार्तिकेय और गणेश को,
सभी देवता भी भेजते है,
आपके चरणों का पूजन
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड वासी करते हैं।
– कालिका प्रसाद सेमवाल
मानस सदन अपर बाजार
रुद्रप्रयाग उत्तराखंड