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परमात्मा से मिलने की विधि – मुकेश मोदी

करो निरन्तर मुख से, ओम का उच्चारण,

शयन जागरण सदा रहे, ओम का स्मरण।

 

हर अशुद्ध कर्म का, समाप्त करो कारण,

सर्व समस्याओ का, होगा तभी निवारण।

 

व्यर्थ संकल्पों का, समाप्त करो उत्पादन,

आत्म स्वरूप का, धारण कर लो आसन।

 

सम्पूर्ण शुद्धि की ओर, मन को ले जाओ,

प्रभु अर्पण योग्य, अमृत जल बन जाओ।

 

अपने मन को साधो, एक दिशा की ओर,

मिट जाएगा जीवन से, अवसाद का शोर।

 

अन्तः करण को करो, इतना प्रकाशमान,

गल जाए तुम्हारा, चट्टान रूपी अभिमान।

 

चहूं ओर फैलाओ, आत्मभान की सुगन्ध,

जोड़ लो परमात्मा से, अपने सर्व सम्बन्ध।

 

सुदृढ़ करो अपनी, साक्षीपन की अवस्था,

सुधर जाएगी, जीवन की प्रत्येक व्यवस्था।

 

दिव्य गुणों के पुष्प, अन्तर्मन में खिलाओ,

प्रभु पे अर्पण योग्य, खुद को तुम बनाओ।

 

आत्म चेतना की अग्नि, करो पूर्ण प्रचण्ड,

जलाकर राख कर दो, हर संस्कार उद्दण्ड।

 

दिव्यता की ज्योति से, आत्मदीप जलाओ,

सम्पूर्ण विश्व से, अज्ञान अंधकार मिटाओ।

 

स्वयं को बनाते रहो, शुद्धामृत का भण्डार,

ईश्वर करेगा तुम्हारी, हर शुभेच्छा स्वीकार।

 

अवसर मिलते ही, करो मौन का अभ्यास,

पाओगे फिर से, खोया हुआ आत्मविश्वास।

 

अन्तर्मन में जगाओ, सर्व के प्रति समभाव,

जीवन में सन्तोष का, हो जाएगा प्रादुर्भाव।

 

खुद को जब होगा, आत्मा का साक्षात्कार,

तभी मिलोगे परमात्मा से, जो है निराकार।

– मुकेश कुमार मोदी, बीकानेर, मोबाइल – 9560641092

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