हे ! माँ गंगें दे दो वरदान हमें,
तुम्हें नित ध्यान लगाएँ हम,
दिल में बसायें प्यार करें,
अपना जीवन सफल बनाएं हम।
हे ! माँ गंगें जीवन में न पाप करें,
हर वक्त तुम्हारा जाप करें,
इतनी कृपा बस आप करें।
कभी तुमको भूल ना पाए हम।
हे ! माँ गंगें सर पे दया का हाथ धरो,
सभी मुश्किलें आसान करो।
हमको आत्म शक्ति प्रदान करो।
दुःख में न घबराएं हम।
हे! माँ गंगें हम यह मान रहे,
हमारे कोई अरमान न रहे।
न ऊँच-नीच का ज्ञान रहे,
हर वक्त तुम्हारा ध्यान करें हम।
हे ! माँ गंगें दिल में ना अहंकार रहे,
हर प्राणी का सत्कार करें।
हर दिन दुखी से प्यार करें,
दुश्मन को भी अपनाएं हम।
हे ! माँ गंगें इच्छा नहीं संसार मिले,
हमें न दौलत का अंबार मिले।
तुम्हारे चरणों का बस प्यार मिले,
भवसागर से तर जाएँ हम।
हे ! माँ गंगें हृदय में न बैर रहे,
नजरों में न गैर कोई रहे।
ऐबो पर रखें नजर हर कोई,
गैरों के ऐब भी छुपाएं हम।
हे! माँ गंगें यही तमन्ना अपनी रहे,
अंत समय आखरी साँस रहे।
दो बूंद मुख में बनकर आ जाना
हे ! माँ गंगें की गोद में प्राण दें हम।
हे ! माँ गंगें हे!माँ गंगें हे! माँ गंगें
जय गंगे जय गंगें जय गंगें…..!!
– विनोद शर्मा ‘विश’, दिल्ली