अभी भी है आंसू सूखी हुई आँखों में,
निकलते नहीं क्योंकि तुम हो #आहों में।
जिंदगी में उनकी छवि पथराई निगाहों में,
वादों की जरुरत ही नहीं तुम हो #इरादों में।
दिन रात यादों में तुम साथ ही रहती हो,
जैसे चाँद, सूरज और तुम हो #सितारों में।
तारों को भी है पता कहाँ रहती तुम हो,
जिंदगी में छुपे रहे हमसे तुम जो #परदों में।
जिंदगी में ऐसा सितम सनम मुझ पर न करें,
भूलने को हमें ना ही कहे तुम हो #यादों में।
जिंदगी में यादों का सहारा सिर्फ रह गया,
जिंदगी में सनम देखूं तुम को #ख़्वाबों में।
– विनोद शर्मा विश, दिल्ली