मनोरंजनअनजान राहें – राधा शैलेन्द्रnewsadminAugust 8, 2022 by newsadminAugust 8, 20220214 चारदीवारी में सिमटकर रहते रहते जब ऊब जाती हूँ तब एक” जिज्ञासा “जन्म लेती है मन के अंदर और मैं तब जेहनी तौर पर अनजाने...
मनोरंजनहे ! माँ गंगें – विनोद शर्मा विशnewsadminAugust 8, 2022 by newsadminAugust 8, 20220292 हे ! माँ गंगें दे दो वरदान हमें, तुम्हें नित ध्यान लगाएँ हम, दिल में बसायें प्यार करें, अपना जीवन सफल बनाएं हम। हे...
मनोरंजनभोजपुरी कजरी गीत– (काहे भूली गइला) – श्याम कुँवर भारतीnewsadminAugust 7, 2022 by newsadminAugust 7, 20220361 तोहरे खातिर तड़पे हमरो परनवा | काहे भूली गइला हमके सजनवा | सावन के बहार रहे बरखा के फुहार रहे | बिरह में बरसे...
मनोरंजनतुलसी दास – निहारिका झाnewsadminAugust 7, 2022 by newsadminAugust 7, 20220301 श्रावण शुक्ल सप्तमी को, जन्म लिए बाबा तुलसी। आत्मा राम पिता हुए, मां उनकी थीं हुलसी। दांत सहित था जन्म लिया, सब ने कहा अपशगुनी।...
मनोरंजनजय जय इंडियन आर्मी – गुरुदीन वर्माnewsadminAugust 7, 2022 by newsadminAugust 7, 20220317 अपने वतन की रक्षा में, कुर्बान है इंडियन आर्मी। ऐसे में हमारा फर्ज है, और गाना यह लाजिमी।। जय जय इंडियन आर्मी। जय जय इंडियन...
मनोरंजनप्रवीण प्रभाती – कर्नल प्रवीण त्रिपाठीnewsadminAugust 7, 2022 by newsadminAugust 7, 20220309 बम भोले कैलाश बिहारी। महिमा अपरंपार तिहारी। वरदहस्त इस जग पे रखिये, शिवशंकर भोले भंडारी। बिना कृपा के काज न होते। मिलता वर...
मनोरंजनगज़ल – झरना माथुरnewsadminAugust 6, 2022 by newsadminAugust 6, 20220377 नजरों की अदाये क्या कहिये, इनकी भी वफाये क्या कहिये। मिलती सभी से टिकती किसी पे, इस दिल की जफाये क्या कहिये। नजरे...
मनोरंजनवक्त – जया भराड़े, बड़ोदकरnewsadminAugust 6, 2022 by newsadminAugust 6, 20220356 वक्त से कौन बड़ा ? वक्त ही देता है जख्म और मरहम भी यही लगाता है। कितने ही बिखर गए जीवन, कितने ही संभल गए...
मनोरंजनअक्सर – राजीव डोगराnewsadminAugust 6, 2022 by newsadminAugust 6, 20220312 इश्क़ की रातें और इश्क़ की बातें अक्सर महँगी पड़ती है। ज्यादा समझदारी और लगी हुई इश्क़ बीमारी अक्सर महँगी पड़ती है। गैरों...
मनोरंजनहिंदी ग़ज़ल – जसवीर सिंह हलधरnewsadminAugust 6, 2022 by newsadminAugust 6, 20220318 कमसिन है लाजवाब है हिंदी की ये ग़ज़ल । समझो नहीं खराब है हिंदी की ये ग़ज़ल । ये मकतबों या मयकदों में फर्क...