मनोरंजनहो हिंदी स्वीकार – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी,newsadminSeptember 16, 2022 by newsadminSeptember 16, 20220365 (आधार छंद- सरसी छंद) हिंदी पढ़कर हिंदी लिखकर, इसका करें प्रचार। लोग इसे कैसे अपनायें, इस पर करें विचार।1 अगर चाहते घर-घर पहुँचे, घर...
मनोरंजनहिन्दी दिवस – डॉ. जसप्रीत कौर फ़लकnewsadminSeptember 15, 2022 by newsadminSeptember 15, 20220309 भारत माँ के शीश महल की, राज दुलारी हिन्दी है, भाषाएँ हैं और भी लेकिन, सब पे भारी हिन्दी है। राष्ट्र भाषा का बहुत ...
मनोरंजनदूसरों से व्यवहार करे सोच समझकर कर – झरना माथुरnewsadminSeptember 15, 2022 by newsadminSeptember 15, 20220349 Neerajtimes.com , देहरादून – जैसा की सर्वविदित है कि मनुष्य को पृथ्वी पर ईश्वर की सबसे बुद्धिमान रचना माना जाता है, क्योंकि वह समाज में...
मनोरंजनग़ज़ल – ऋतु गुलाटीnewsadminSeptember 14, 2022 by newsadminSeptember 14, 20220362 नजर में कभी हम चढाये गये हैं। नयन के ये आँसू सुखाये गये हैं। तुम्हे क्या बताऐ छुपा क्या है दिल में सजा आज...
मनोरंजनहिंदी ग़ज़ल – जसवीर सिंह हलधरnewsadminSeptember 14, 2022 by newsadminSeptember 14, 20220346 पूरा हुआ अज़ाब चलो लौट घर चलें । कानून का दबाव चलो लौट घर चलें । साकी न है शराब चलो लौट घर चलें...
मनोरंजनग़ज़ल – अनिरुद्ध कुमारnewsadminSeptember 14, 2022 by newsadminSeptember 14, 20220342 जा रहा यह जमाना किधर देख लो, आज छलनी सबों का जिगर देख लो। प्यार अंधा बना बोलना भी मना, लोग उगलें हमेशा जहर...
मनोरंजनजय जय हिन्दी – गुरुदीन वर्मा.आज़ादnewsadminSeptember 14, 2022 by newsadminSeptember 14, 20220433 मैं मातृभाषा हूँ भारत की,पहचान हिंदुस्तान की। मुझको बोलो तुम राष्ट्रभाषा, और शान हिंदुस्तान की।। समझो मुझको भारत की आन,भारत का मुकुट है हिन्दी। बोलो...
मनोरंजनग़ज़ल – ऋतु गुलाटीnewsadminSeptember 13, 2022 by newsadminSeptember 13, 20220361 सोचती हूँ जिंदगी मे प्यार का मारा मिला। भीगती आंखो को फिर से इक नया सपना मिले । प्यार करते हम बड़ा ही, आपसे...
मनोरंजनअक्सर बताता हूँ – अमृत पाल सिंहnewsadminSeptember 13, 2022 by newsadminSeptember 13, 20220383 यह बात अक्सर बताता हूँ, मगर मैं कुछ भूल जाता हूँ । दुनिया भर के लड़ाई झगड़े, माफ़ी नामे आपस के रगड़े, गिले शिकवे...
मनोरंजनमासूम बचपन की – राधा शैलेन्द्रnewsadminSeptember 12, 2022 by newsadminSeptember 12, 20220392 मानस-पटल पर धुंधले पड़ते जा रहे, स्मृतियों के निशान, मासूम बचपन से मुझे कोसो दूर ले जाते है, और मैं दौड़ पड़ती हूँ अनचाहे, अनजाने...