मनोरंजनजिन्दगी – प्रतिभा कुमारीnewsadminJanuary 19, 2023 by newsadminJanuary 19, 20230344 चाहा तो हमनें भी, किसी से कुछ नहीं ..! फिर भी नि:स्वार्थ, कहाँ कुछ है ..!! ये इश्क नहीं आसान,जो तुझपे हो कुर्बान..! कुछ कम...
मनोरंजनग़ज़ल – शिप्रा सैनीnewsadminJanuary 19, 2023 by newsadminJanuary 19, 20230566 खिले हैं फूल बासंती, फ़िजा का रंग प्यारा है, लगे धरती मुहब्बत में, बड़ा दिलकश नज़ारा है। कई परतें छुपाई थी, खुशी की वो...
मनोरंजनअपने धुन गाते – अनिरुद्ध कुमारnewsadminJanuary 19, 2023 by newsadminJanuary 19, 20230399 झूठे रिश्ते कभी न होते, रिश्ते तो इक बंधन होते, जूटे चाहे छूटे रिश्ते, भाव भावना लेते गोते। मन दर्पण में आते जाते, मनोभाव...
मनोरंजनगीतिका – मधु शुक्लाnewsadminJanuary 18, 2023 by newsadminJanuary 18, 20230641 छोड़ कर मझधार में साजन न जाओ तुम, प्रिय मिलन के पल मनोहर मत भुलाओ तुम। भूल जाना है नहीं आसान इतना प्रिय, जी...
मनोरंजनग़ज़ल हिंदी – जसवीर सिंह हलधरnewsadminJanuary 18, 2023 by newsadminJanuary 18, 20230573 नागरिक कानून का अब हल निकलना चाहिए । टहनियां तोड़े बिना ही फल निकलना चाहिए । देश अब घिरने लगा है मज़हबी उन्माद में...
मनोरंजन“जिंदगी से जंग जीतेंगे हम” नामक पुस्तक अमेज़न पर उपलब्ध : संदीप कुमारnewsadminJanuary 18, 2023 by newsadminJanuary 18, 20230310 Neerajtimes.com – कहा जाता है कि जब इरादे हो बुलंद तो मुश्किलें नहीं करती हैं तंग। जी हाँ संदीप का व्यक्तित्व इस कथन को भली...
मनोरंजनगीत – जसवीर सिंह हलधरnewsadminJanuary 17, 2023 by newsadminJanuary 17, 20230645 मैं ग्रहण लगा हूँ चंदा हूँ ,ऐसे मत मुझे निहारो अब । घायल हूँ मैं शर्मिंदा हूँ ,नज़रों से नहीं उतारो अब ।। नील...
मनोरंजनसर्दी – सुनील गुप्ताnewsadminJanuary 17, 2023 by newsadminJanuary 17, 20230635 सर्दी बढ़ रही, अब दिन रात नित बढ़ा रही हैं हमारी चिंताएं ! धूप भी बैठी कहीं ठिठुरा रही है…., चल रही हैं घोर बर्फ़ीली...
मनोरंजनपिया से मिलकर आए नैन- अनुराधा पाण्डेयnewsadminJanuary 16, 2023 by newsadminJanuary 16, 20230609 क्या फिर से वापस आएगी? वो शिशिर माह की शाम सखे! जब मिला निमंत्रण मिलने का पग बिन सोचे उस ओर बढ़े । तब...
मनोरंजनमन मेरा बड़ा पछताया – मुकेश कुमारnewsadminJanuary 16, 2023 by newsadminJanuary 16, 20230600 नैन खुले जब मेरे जग में, लगी थी ये सृष्टि प्यारी, गूंज उठी थी जन्म कक्ष में, मधुर मेरी किलकारी। याद न थी जाति...