बात श्याम मोरी नहीं माने
मथुरा चले गये नैना झरे अरे र र र।
हाल दिल निष्ठुर नहीं जाने,
मोहे छोड़ गये न चैना पड़े अरे र र र।
नैन मिलाया चैन चुराया चित चोर श्याम।
दिल लगाया अपना बनाया मन मीत श्याम।
यमुना तट पनघट धुन बंसी बजे अरे र र र।
बात श्याम मोरी नहीं माने।
रची रची मै सिंगार करी बैरी न नजर फ़िरी ।
आंखन अंजन गजरा लड़ी, श्याम पिया आगन गिरी।
गोरी राधिका सवरियां बिना बनी बावरिया फिरे अरे र र र र।
बात श्याम मोरी नहीं माने।
झटक मटक मैं राह चली भरी गगरी पिया चाह चली।
श्याम सवरिया बजाई बांसुरिया हिया आह चली।
दिल तोड़ गये पलट फिर न पलटे अरे र र र र।
बात श्याम मोरी नहीं माने।
-श्याम कुंवर भारती,बोकारो,झारखंड, माॅब.9955509286