neerajtimes.com देवबंद — मानदेय बढ़ाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल का असर गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) देवबंद में भी देखने को मिला। आशा कार्यकर्ताओं के हड़ताल पर रहने के बावजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य रूप से संचालित किया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सा अधीक्षिका रिन्यांका चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल के कारण अस्पताल आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही है। स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका स्वास्थ्य विभाग के कार्यों में महत्वपूर्ण रहती है और उनके माध्यम से अस्पताल के स्टाफ को विभिन्न कार्यों में सहयोग मिलता है। वर्तमान में आशाओं के हड़ताल पर होने के कारण उनके स्तर से मिलने वाला सहयोग नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है। इसके बावजूद मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जा रहा है।
चिकित्सा अधीक्षिका ने बताया कि गुरुवार को दोपहर तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगभग 200 मरीजों का उपचार किया जा चुका था। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों की जांच, चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक उपचार की व्यवस्था नियमित रूप से जारी है।
गौरतलब है कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा लंबे समय से मानदेय बढ़ाने सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज उठाई जा रही है। इसी क्रम में आशा कार्यकर्ताओं ने हड़ताल का निर्णय लिया है। हड़ताल के चलते क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कुछ कार्यों पर अतिरिक्त दबाव जरूर बढ़ा है, लेकिन सीएचसी प्रशासन का कहना है कि मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए स्वास्थ्यकर्मी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं।
सीएचसी प्रशासन के अनुसार, अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए उपलब्ध स्टाफ द्वारा अतिरिक्त जिम्मेदारी निभाई जा रही है। वहीं, आशा कार्यकर्ताओं की मांगों और हड़ताल के आगे के स्वरूप पर संबंधित स्तर से निर्णय लिया जाना है।
रिपोर्टर — महताब आज़ाद