मनोरंजन

छटपटाहट अकुलाहट – ज्योत्स्ना जोशी

कितना कुछ लिखा जा चुका है

कितना कुछ पढ़ा जा चुका है

इस लिखे और पढ़ें जानें के

मध्य की छटपटाहट

एक नई अकुलाहट

कुछ ऐसा जिसे अभी शब्दशः

महसूस भी नहीं किया गया

लिखा जाना और

पढ़ा जाना तो बहुत दूर की बात है।

–ज्योत्स्ना जोशी, देहरादून

 

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