( 1 )” उ “, उगते नव
सूरज को देखें..,
उम्मीद संग बढ़ते रहें !!
( 2 )” म् “, म्यान में
उम्मीद अस्त्र रखें..,
लक्ष्य पे नजर टिकायें !!
( 3 )” मी “, मीत बनकर
अपने स्वयं के..,
आशा पतवार खेते रहें !!
( 4 )” द “, दरम्यान अपने
कोई न आए..,
ख्यालों में उम्मीद रहे !!
( 5 )” उम्मीद “, उम्मीद है
तो संभव सभी..,
प्रयासों से सफलता मिले !!
( 6 )” उम्मीद “, उम्मीद पे
टिका जीवन सबका..,
वही संबल बनकर उभरे !!
( 7 )” उम्मीद “, उम्मीद करें
प्रभु कृपाएं मिलें..,
जीवन कमल खिलता चले !!
– सुनील गुप्ता
जयपुर,, राजस्थान |