मनोरंजन

तेरे जाने का गम – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव

तेरे जाने का ग़म आज भी है,

दिल के कोने में नम आज भी है।

वक़्त ने लाख समझाया मुझको,

पर तेरा ही करम आज भी है।

रात भर जागती हैं ये आँखें,

तेरी यादों का दम आज भी है।

ख़्वाब टूटे तो लगा ये मुझको,

ज़िंदगी थोड़ी कम आज भी है।

तू गया दूर बहुत मुझसे मगर,

दिल में तेरा ही रम आज भी है।

लोग कहते हैं बदल जाओ अब,

पर वही मेरा सनम आज भी है।

सूनी राहों में ढूँढूं तुझको,

दिल में वही सरगम आज भी है।

हँसने की कोशिश तो करता हूँ,

आँखों में फिर भी नम आज भी है।

-राजलक्ष्मी श्रीवास्तव

जगदलपुर राजिम, छत्तीसगढ़

Related posts

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

newsadmin

सरस्वती वंदना – प्रियंका सौरभ

newsadmin

ग़ज़ल – मधु शुक्ला

newsadmin

Leave a Comment