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काली महाकाली – श्याम कुंवर भारती

मां चरणों की धूल दे दो,गले माला अड़हुल फुल ले लो।

दुख सब प्रतिकूल ले लो, मां समय अनुकूल दे दो।

काली महाकाली मां तेरी सदा ही जय जय कार है।

 

मां सबसे सच्चा सबसे ऊंचा तेरा दरबार है ।

मां सबसे सुंदर सबसे अच्छा तेरा श्रृंगार है।

मां महिमा तेरी सबसे अपरंपार है।

काली महाकाली मां तेरी सदा ही जय जय कार है।

 

नैन विशाला तू परम कृपाला तुझसे बड़ा नहीं कोई।

झंडा लहराए गगन फहराए सबसे ऊंचा नहीं कोई।

मां आदिशक्ति भवानी जग कल्याणी पावन अवतार है।

काली महाकाली मा तेरी सदा ही जय जय कार है।

 

तेरे हाथ भुजाली मा ख़प्परवाली दसभुजाओ वाली है।

तू दुख हरनी सुख करनी ममतामयी दया करने वाली है।

मा करूं तेरी महिमा बखान बारम्बार है।

काली महाकाली मां तेरी सदा ही जय जय कार है।

 

तेरा रूप काला लाल जिह्वा लाली बिंदिया और अंखियां है।

तेरे चरण पड़ा कृपा को अड़ा नतमस्तक भक्त दुखिया है ।

करो कृपा अपनी शक्ति दिखा भक्त भारती तेरा लाचार है।

काली महाकाली मा तेरा सदा ही जय जय  कार है।

– श्याम कुंवर भारती, बोकारो,झारखंड, मान.9955509286

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