( 1 ) पुस्तकें
हमारी परम मित्र,
आओ इनसे दोस्ती करें !!
( 2 ) पुस्तकें
हैं सच्ची मार्गदर्शक,
ये कभी न धोखा दें !!
( 3 ) पुस्तकें
ज्ञान के महाभंडार,
आओ इनमें डूब आनंद लें !!
( 4 ) पुस्तकें
अनुभूति के प्रमाण,
जिन्हें पढ़ जानके जीवन बदले !!
( 5 ) पुस्तकें
ताउम्र हमें सिखलाती,
बिन इनके जीवन बंजर बने !!
– सुनील गुप्ता
जयपुर,, राजस्थान |