मनोरंजन

अम्बर – वैशाली रस्तोगी

जाड़ो का मौसम और सुहानी धूप,

ऊपर खुला आकाश है।और नीचे गहरा समंदर ।

बीच में खुली हवाऔर सुनहरी धूप,

चिड़ियों की चहचहाहट ,फूलो से भरी वादियाँ ।

मन वहीं ठहरा हुआ है,जहाँ हमारे प्यार का बसेरा है,

और प्रकृति की सुंदरता सिमटी हुई है ।

जहाँ दिल की बातें होती हैं,और आँखें मिलती हैं।

जाड़ो की ठंडक में,प्यार की गर्मी है

सुहानी हवा में।

दिल की धड़कन है,मन वहीं ठहरा हुआ है।

जहाँ हमारे प्यार का बसेरा है,जहाँ सपने सजते हैं।

और प्यार की कहानी है।

– वैशाली रस्तोगी, लखनऊ, उत्तर प्रदेश

Related posts

अनाम रिश्ता – सविता सिंह

newsadmin

पूर्णिका (दुनियादारी)  – श्याम कुंवर भारती

newsadmin

तुम बेखबर रही मुझसे – विनोद निराश

newsadmin

Leave a Comment