मनोरंजन

फायकू -महाशिवरात्रि – सुधीर श्रीवास्तव

इस बार की महाशिवरात्रि
बहुत खासमखास है
तुम्हारे लिए।

प्रतीक्षा में बेचैन हैं
औघड़ दानी भोलेनाथ
तुम्हारे लिए।

एक लोटा जल चढ़ाना
कितना मुश्किल है
तुम्हारे लिए।

शिव मंदिर में भीड़
लगती भारी है
तुम्हारे लिए।

बेलपत्र, भाँग, धतूरा, बेर
संग लेकर आए
तुम्हारे लिए।

भोले भाले शिव शंकर
आसन छोड़ आए
तुम्हारे लिए।

भूख प्यास से व्याकुल
अपने भोले भंडारी
तुम्हारे लिए।

शिवरात्रि का व्रत-पूजन
खोलेगा शिवलोक द्वार
तुम्हारे लिए।

नीलकंठ बन गये शिव
जब विषपान कर
तुम्हारे लिए।

शिव ने विष पिया
संसार के बहाने
तुम्हारे लिए।

चलो हम चलते हैं
शिव पूजन को
तुम्हारे लिए।

-सुधीर श्रीवास्तव, गोण्डा, उत्तर प्रदेश

Related posts

नन्हा सूरज – डॉ. सत्यवान सौरभ

newsadmin

ग़ज़ल – जसवीर सिंह हलधर

newsadmin

एकांत – सुनील गुप्ता

newsadmin

Leave a Comment