मनोरंजन

वीर बाल दिवस – निहारिका झा

धर्म कर्म जिनका था भारत
सांसे हिन्दुस्तानी थीं
ऐसे गुरु गोविंद की
ओज भरी ये कहानी थी।
सिक्खों के दसवें वे गुरु
निडर योद्धा कवि दार्शनिक
संतानों को भी शिक्षा दी
देश आन पर मिट जाना
मुगलों ने था जुल्म किया
फरमान दिया इस्लाम बनो
नहीं माना आदेश जो ऐसा
जीते जी दीवार में चुनवाया
वह दिन था 26दिसंबर
वीर बाल दिन कहलाया
उनकी इस शहादत आसमान भी रोया था
आज उन्हीं की याद में हम
वीर दिवस मनाते हैं।।
– निहारिका झा, खैरागढ़, राज छत्तीसगढ़

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