उत्तर प्रदेश

मास्टर शमीम किरतपुरी की “ताबीरें” और डॉक्टर काशिफ अख़्तर की “ग़ज़ल के लहजे “के काव्य संकलन का हुआ सामूहिक विमोचन

neerajtimes.com देवबंद (महताब आज़ाद) – नगर के प्रसिद्ध शैख़ उल हिंद हाल मे पिता -पुत्र मास्टर शमीम किरतपुरी “ताबीरें ” और डॉक्टर काशिफ अख़्तर “ग़ज़ल के लहजे “के काव्य संकलन के सामूहिक विमोचन के अवसर पर अध्यक्षता करते हुए शायर व शिक्षाविद डॉक्टर नवाज़ देवबंदी ने अपने सम्बोधन मे कहा के “आज का दिन उर्दू अदब मे एक यादगार दिन है, जब एक ही समय मे, एक ही मंच पर पिता -पुत्र के काव्य संकलन का विमोचन सामूहिक रूप से हो रहा है । यह प्रतीक है कि साहित्य किसी भी भाषा का हो, वो आयु और काल का मोहताज नहीं होता । एक घर, परिवार, रक्त, संबंध, माहोल से एक ही समय मे दो अलग -अलग काव्य संकलन का लेखन, प्रकाशन, विमोचन दो पीढ़ियों का नेतृत्व कर रहा है। दोनों पिता -पुत्रों के संकलन मे जोश है, जज़्बा है, संदेश है, प्रेमभाव है, तजुर्बा है और शानदार प्रस्तुति है। यह दोनों संकलन देवबंद उर्दू साहित्य के इतिहास मे मील का पत्थर हैं”।
देहली से पधारी अफसाना निगार डॉक्टर रक़शंदा रूही मेहंदी ने अपने विशेष सम्बोधन मे कहा के दोनों संकलन भाषा, विचारों की कसौटी पर उच्च स्तरीय हैं। डॉक्टर काशिफ कम उम्र मे बेहतरीन आज़ाद नज़में लिख रहे हैं। जो उन्हें वर्तमान युवा पीढ़ी से अलग स्थान दिलाती हैं। इनके अतिरिक्त जामिया इमाम मोहम्मद अनवर शाह के उस्ताज़ ए हदीस मौलाना फ़ुजैल अहमद नासरी, मुस्लिम फंड प्रबंधक सुहैल सिद्दीक़ी, शायर उज़ेर अनवर, शायर अब्दुल हक़ सहर,शायर ज़ुहैर अहमद,शायर नाहिद समर ने भी अपने विचारों मे दोनों संकलनों पर प्रकाश ड़ालते हुए उन्हें सफल संकलन क़रार दिया। सफल संचालन सय्यद वजाहत शाह ने किया।
इस अवसर पर मास्टर जावेद, अब्दुल्ला राही, ज़ाहिद नईम, राहत ख़लील सिद्दीक़ी, शारिक़ जमाल, राहत इक़बाल, हकीम नज़ीफ, वली वक़ास, अब्दुल्ला राज़, अब्दुर्र रहमान सैफ,दिलशाद ख़ुशतर, नबील मसूदी, नज़्म उस्मानी,फिरोज खान, तनवीर अजमल, नदीम शाद, महताब आज़ाद , क़ारी वामिक़, मुफ़्ती रिफाक़्त, उमेर ज़मा जाहिद देवबंदी,आदि उपस्थित रहे।।

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