नन्हा बादल आया आसमान में,
छुपा-छुपा कर बरसाए पानी।
धरा पे रंगीन फुल खिल जाएं,
हर तरफ खुशियाँ मनाए।
हवा से बातें करता है,
पंछियों संग खेलता है।
बारिश की बूंदें लाता है,
धरती को ताजा कर जाता है।
आओ मिलकर बादल से कहें,
हम भी खुशियाँ बाँटें।
नन्हा बादल है प्यारा दोस्त,
सबका दिल खुश रखे।
-डॉo सत्यवान सौरभ 333,
परी वाटिका, कौशल्या भवन,
बड़वा (सिवानी) भिवानी,
हरियाणा – 127045