नन्हा पेड़ बड़ा प्यारा,
छाँव देता हमारा।
पंछी बैठते डालों पर,
गाते मीठा गाना सारा।
सूरज की रौशनी में खिलता,
हरे पत्तों से लिपटा।
बच्चों को सिखाता प्यार,
प्रकृति का ये उपहार।
आओ मिलकर पेड़ लगाएं,
धरती को हरा-भरा बनाएं।
नन्हा पेड़ हम सबका दोस्त,
खुशियों से भर दे हर कोना।
-डॉo सत्यवान सौरभ 333,
परी वाटिका, कौशल्या भवन,
बड़वा (सिवानी) भिवानी,
हरियाणा – 127045