मनोरंजन

गीत (हिंद के निवासी)- श्याम कुंवर भारती

हिंद के निवासी महिमा हिंदी अपरम्पार है।
अपनाया जिसने हिंदी किया उपकार है।

कलमकारों को कभी हिंदी तूने लाचार न किया।
जैसा चाहा लिखना पढ़ना चमत्कार कर दिया।
बड़ा है दिल तेरा चर्चा तेरी संसार है।
हिंद के निवासी…………..।

भरती है भाव वीरों शेरों हुंकार हो।
घायल करे दिल वैरी तीखी कटार हो।
जोड़े दिलो हिंदवासी दिल की पुकार है।
हिंद के निवासी……………।

कायल है कवि तुमसे प्रेमियों इश्क इजहार हो।
रिझाए सभी महबूबा आशिकों कविता बाहर हो।
राष्ट्र को समर्पित भाषा हिंदी बड़ी दिलदार है।
हिंद के निवासी ………..।

निराला हरिवंश सहाय मीरा प्रेमचंद कलम धार हो।
कविता गीत छंद दोहा में बसती कली कचनार हो।
सब भाषाओं की माता हिंदी भारत आधार है।
हिंद के निवासी ………….।

पिरोया है माला तूने सबको एक सूत्र कर दिया।
मिटाया है भेद बोली भाषा राष्ट्र एकजुट कर दिया।
धन्य है तू हिंदी भारती तुझे नमन बार बार है ।
हिंद के निवासी महिमा हिंदी अपरम्पार है।
– श्याम कुंवर भारती , बोकारो,झारखंड मॉब.9955509286

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