मनोरंजन

हिंदुस्तान में हिंदी की दशा- झरना माथुर

बच्चे के मुख से निकलने वाला पहला शब्द मां अब मॉम बन गया है।
जाने कितने रिश्ते बदल गए।
भाई से ब्रो,बहन से सिस हो गए है और जाने क्या क्या?

हिंदुस्तान के हिंदी स्कूलों के भवनों की स्थिति बेहद दुखद है।
हिंदी स्कूल में पढ़ाने वाले अध्यापकों के बच्चे,
अंग्रेजी स्कूल में पढ़ते है।

कई अंग्रेजी स्कूलों में हिंदी विषय ही नहीं है।
स्कूलों में हिंदी दिवस भी,
अंग्रेजी की तरह मनाया जाता है।

हिंदी को बढ़ावा देने के लिए बने मंचों द्वारा,
हिंदी का व्यापारीकरण हो रहा है।
मोबाइल पे हिंदी में बात करने के लिए,
अंग्रेजी के बाद 2 दबाया जाता है।

हिंदुस्तान में हिंदी के लिए ही,
हिंदी पखवाड़ा मनाया जाता है।
उच्च वर्ग में हिंदी में बात करने वालों को,
अनपढ़ समझा जाता है।
लिखने को बहुत कुछ वाकी है अभी।
– झरना माथुर, देहरादून , उत्तराखंड

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