जीवन हमको वरदान में मिला है,
इसको मूल्यवान हमें बनाना है।
कभी किसी से दुश्मनी न करनी,
सबसे स्नेह से मिलना होगा।
जीवन प्रभु का कृपा प्रसाद है,
इसकी हम सब कीमत जानें।
प्रेम -प्यार ही हमारी धरोहर,
यही बात सबको समझाएं।
वैर नहीं हो मन के अंदर ,
प्रेम का दीप दिल में जलाएं।
दो दिन का तो जीवन मिला है ,
जन-जन के दिल में घर बनाएं।
कभी किसी को बुरा न बोले,
दया भाव के फूल खिलाएं।
कभी वैर न हो मन के अंदर ,
पुण्य कार्य हर दिन करते जाएं।
सत्य राह पर नित चलना होगा ,
कभी किसी को पीड़ा ना पहुँचाए।
हँसते -हँसते ये जीवन गुजारे ,
सुख दुख के हम सब साथी बने।
अहंकार से दूर रहना ही होगा ,
मददगार हम सब बन जाएं।
ईश्वर वन्दना हर दिन करनी है ,
पाप कर्म से सबको बचना होगा।
– कालिका प्रसाद सेमवाल
मानस सदन अपर बाजार
रुद्रप्रयाग उत्तराखंड