मनोरंजन

भोजपुरी कजरी लोक गीत – श्याम कुंवर भारती

 

सइयां आए नाही गोरिया के भवनवा में।

गोरिया रोई रोई बैठी सावन के महिनवा में।

 

वन में नाचन लागे मोर,मोरनी बिहसे बड़ी जोर।

ताना मारे ननदी घाव लागे जईसे तनवा में।

सइयां आए नाही…………..।

 

बादर छाए घनघोर बिजुरी चमके चहुं ओर।

झर झर बरसे सावन जइसे मोर नयनवा में।

सईयां  आए नाही………..।

 

चंपा चमेली से सइयां सेजिया सजवली।

अगिया लागे सइयां बिना हिया के भवनवा में।

सइयां आए नाही……..।

 

गायें मेघा मल्हार भिंजाए अँचरा बरखा बौछार।

निरदई भारती सईयां भुलाए अपने मगनवा में।

सइयां आए नाही गोरिया के भवनवा में।

-श्याम कुंवर भारती (राजभर)

बोकारो, झारखंड , मॉब. 9955509286

Related posts

newsadmin

भोजपुरी गीत (धान के कटनिया) – श्याम कुँवर भारती

newsadmin

भाषा विभाग पटियाला के प्रांगण में डॉ जसप्रीत कौर फ़लक के पाँचवे काव्य संग्रह ”कैनवस के पास” के टाइटिल पेज़ का हुआ विमोचन

newsadmin

Leave a Comment