श्री गणेश हर मन बसे, रिश्ता परम पुनीत।
पूजन कीर्तन सब करें, गाते पावन गीत।।
रिद्धि-सिद्धि के नाथ प्रभु, गणपति आये द्वार।
प्रभु के ही आशीष से, हो सुखमय संसार।।
विघ्न हरें हर क्लेश कटें जब शीश गजानन हाथ रखेंगे।
ज्ञान भरा गणनायक में सबमें शुभ बुद्धि महान भरेंगे।
मूषक भक्त सँदेश सुनें प्रभु से फिर वो अरदास करेंगे।
आदि गणेश सदा सब भक्तन की अरजी पर ध्यान धरेंगे।5
– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश