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रक्षा बंधन (बाल कविता) – पूरन चन्द्र शर्मा

श्रावण शुक्ल की पूर्णिमा
उत्सव मनता एक विशेष
बहन भाई के रिश्ते का है
रूप अनुपम और श्रेष्ठ।

भाई की कलाई पर धागा
कोई भाई न रहे अभागा
कच्चा धागा पक्का बंधन
कहलाता है रक्षा बंधन।

भारत भू पर पावन रिश्ते
रिश्तों की मर्यादा होती
भाई रक्षा का वचन है देता
बहिन तभी है गर्वित होती।

बहन भाई का पावन रिश्ता
देता जग को यह सन्देश
त्याग समर्पण सेवा से ही
प्रेम का बंधन बना विशेष।
– पूरन चन्द्र शर्मा (विभूति फीचर्स)

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