neerajtimes.com मुजफ्फरपुर, बिहार (कुमार संदीप) – मुजफ्फरपुर-बिहार- सत्ता के सिंहासन पर बैठे मठाधीश को आम जन की पीड़ा से सरोकार नहीं इसीलिए आज आम जनमानस के दिलों में निवास नहीं करते हैं जनप्रतिनिधि। तभी जनता कोई आंदोलन आरंभ करने का कार्य करती है। ढोली घाट पर पुल का निर्माण लाखों लोगों का वर्षों पुराना सपना है। यह सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि यहाँ के लोगों की जीवनरेखा है। जो उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आपसी संपर्क से जोड़ेगी। इस क्षेत्र के निवासी इस स्वप्न को साकार होते देखने को व्याकुल हैं। उनकी दिली इच्छा है कि बिहार सरकार के लोकप्रिय और जनप्रिय मुख्यमंत्री माननीय श्री नीतीश कुमार जी, 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने से पूर्व स्वयं इस पुल की आधारशिला रखें और इसके निर्माण कार्य को शीघ्र आरंभ करवाएं। यदि यह ऐतिहासिक निर्णय समय रहते लिया जाता है, तो यहाँ के निवासियों को आमरण अनशन या आंदोलन की पीड़ा नहीं झेलनी पड़ेगी। यह निर्णय न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से सराहनीय होगा, बल्कि जन-आस्था का भी सम्मान होगा। जब सरकार संवेदनशील हो, तो आंदोलन नहीं संवाद से समाधान संभव है। लेकिन विवश होकर सामाजिक कार्यकर्ता श्याम किशोर व इनके सहयोगी आमरण अनशन करने के लिए मजबूर हैं।
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