योग को शामिल करें निज स्वस्थ जीवन के लिये।
यह सरल व्यायाम है सम्पूर्ण तनमन के लिये।
सीख कर उसको सिखायें ज्ञान जिसको है नहीं,
इसलिये तैयार हों हम योग आसन के लिये।
रोज प्रातः नियम से अभ्यास इसका अब करें।
नित्य प्राणायाम सँग कुछ मुख्य आसन सब करें।
संतुलन व्यायाम-भोजन में सुनिश्चित हो सदा,
स्वस्थ हो हर नागरिक यदि योग प्रतिदिन सब करें।
जून की इक्कीसवीं तिथि है समर्पित योग को।
नित्य कर अभ्यास करते दूर हम रोग को।
योग की अवधारणा स्वीकार सारा जग करे,
आत्मबल भी यह बढ़ाये कम कर उपभोग को।
– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश