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जीवन ईमान का – हरी राम यादव

मनुवा तू करे चोरी दैवै धोखा,

लेवै तू निर्बल से बदस्तूर घूस।

तू सोच रहा ऐसी ही रहेगी,

जीवन में तेरे हरदम धूप।

जीवन में तेरे हरदम धूप,

रुप एकदम रहेगा निखरा।

जब हाय लगेगी निर्बल की,

देखेगा सब बिखरा बिखरा।

हरी जीवन जियो ईमान का,

रखो मन में सब्र और संतोष।

खाकर कमाई किसी और की,

तन मन में उपजे केवल दोष ।।

– हरी राम यादव, अयोध्या , उत्तर प्रदेश

फोन नंबर  –  7087815074

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