मनोरंजन

मुक्तक (नेपाली) – दुर्गा किरण तिवारी

हुन्छन् भुल सच्च्याईका धारले दोषलाई रेट्न सकिन्छ,

अथाह दु:खका सागरमा खोजे खुसी भेट्न सकिन्छ,

भोगिन्छन् यावत कुरा जीवनका भवसागर पार गर्दा,

हर भोगाइलाई जीवनको परिभाषामा समेट्न सकिन्छ ।

मुक्ति (हिंदी) –

गलतियाँ तो होती ही हैं,सत्य की धार के साथ दोषों को नष्ट किया जा सकता है,

असीमित दुखों के सागर में खोजो तो सुख मिल सकता है,

जीवन के सागर को पार करते समय आप सब कुछ सहते हैं,

जीवन की परिभाषा में हर अनुभव शामिल हो सकता है,

– दुर्गा किरण तिवारी, पोखरा,काठमांडू , नेपाल

Related posts

भरोसा खुदा चाहिए – अनिरुद्ध कुमार

newsadmin

पूर्णिका – मणि बेन द्विवेदी

newsadmin

आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत योग नाटिका का मंचन

newsadmin

Leave a Comment