मनोरंजन

चुनावी दांव – कवि संगम त्रिपाठी

सुबह -सुबह नेता जी

हमारे घर आएं,

पांच साल बाद देखकर

उन्हें हम घबड़ाएं।

हमने कहा अचानक

हमारी याद कैसे आई,

नेता जी ने कहा

सिर पर चुनाव है भाई।

नेता जी ने बताया

हमने विकास किया है,

पुनः हाईकमान ने

हमें टिकट दिया है।

अब आप अपना

हमें आशीर्वाद दीजिए,

हमारी पुरानी गलतियों को

क्षमा कीजिए।

– कवि संगम त्रिपाठी

जबलपुर मध्यप्रदेश

Related posts

रिश्तों की परछाईयाँ – राधा शैलेन्द्र

newsadmin

गजल – ऋतु गुलाटी

newsadmin

खुशियों से रंगें सबके गाल – हरी राम यादव

newsadmin

Leave a Comment