राष्ट्रीय

आभा साहित्य संघ की द्वितीय ऐतिहासिक पूर्णिका काव्य गोष्ठी

neerajtimes.com जबलपुर –  आभा साहित्य संघ के तत्वावधान में गोवर्धन सिंह पोद्दार सच्चिदानन्द मारीशस की अध्यक्षता, डा. चन्द्रभान चन्द्र उन्नाव के मुख्य आतिथ्य, आदरणीया अर्चना द्विवेदी “गुदालू” आतिथ्य स्वागत तथा सरस्वती वंदना वाचन राजकुमारी रैकवार , काव्य समीक्षा श्रीमती रश्मि पांडेय “शुभि “,आभार प्रदर्शन रेनू श्रीवास्तव और श्रीमती कविता राय जबलपुर के मन भावन संचालन में आनलाईन पूर्णिका काव्य गोष्ठी संपन्न हुई।जिसमें नगर,प्रदेश,देश और विदेश के जाने माने पूर्णिकाकारों ने आडियो के माध्यम से आभा साहित्य संघ पटल पर अपनी पूर्णिका के रंग बिखेरे। जिसे सुनकर कवि जन वाह वाह कर उठे। इस पूर्णिका काव्य गोष्ठी में लगभग 35 पूर्णिकाकारों ने सहभागिता दी। जिसमें ये नाम प्रमुख हैं। डा.चन्द्रभान चन्द्र उन्नाव, श्रीमती सुदर्शन खरे दिल्ली, डा.कृष्ण कुमार नेमा सीहोर,रजनी कटारे जबलपुर,कुंजबिहारी यादव नरसिंहपुर,राजकुमारी रैकवार जबलपुर,रेनू श्रीवास्तव शहडोल, डा.आशा श्रीवास्तव जबलपुर, गोवर्धन सिंह फौददारस ,सच्चिदानन्द मारिशास,सुभाष शलभ व रमेश श्रीवास्तव चातक सिवनी,कविता नेमा सिवनी,सच्चिदानन्द किरण भागलपुर बिहार,निर्मला डोंगरे सिहोरा,अमरसिंह वर्मा जबलपुर,जगदीश तपिश सिवनी,रश्मि पांडेय शुभि डिंडोरी,कृष्ण मुरारी लाल मानव रामनगर एटा,राजेन्द्र जैन रतन जबलपुर,जी. एल. जैन जी,हेमन्त कुमार जैन जी,मनोहर सिंह चौहान मधुकर, मथुरा प्रसाद कोरी जबलपुर, दीनदयाल यादव बिलासपुर,शिव अलग नैनपुर, अर्चना द्विवेदी गुदालु,प्रमोद दहिया सिहोरा,कुंजीलाल चक्रवर्ती,कविता राय जबलपुर,श्याम कुवर भारती बोकारो,कीरत सिंह यादव, मनीबेन द्विवेदी बनारस,विनोद कुमार सीताराम दुबे।

उक्त सभी पूर्णिकाकारों ने अच्छी अच्छी सुंदर सजीली पूर्णिका पटल पर प्रेषित कर एवं आडियो द्वारा सुमधुर स्वर में सुना कर पूर्णिका का गौरव बढ़ाया। कवि संगम त्रिपाठी ने बताया कि डॉ सलपनाथ  ने अपने रचनात्मक प्रयासों से पूर्णिका को हिंदी स्वरुप प्रदान किया है। गजल में सिर्फ श्रृंगार की बात होती है जबकि पूर्णिका सब रसों का प्रतिनिधित्व कर रही है जिसकी गूंज देश के बाहर भी सुनाई दे रही है।

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