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सेना में अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की भर्ती बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा — धर्मेन्द्र गहलोत

neerajtimes.com शिवगंज (राजस्थान) – केंद्र सरकार द्वारा अग्निपथ योजना के तहत सेना में अग्निवीरों की भर्ती देश के बेरोजगार युवाओं के साथ कुठाराघात है। यह प्रतिक्रिया राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के प्रदेश मुख्य महामंत्री धर्मेन्द्र गहलोत ने व्यक्त करते हुए इस योजना पर अविलम्ब रोक लगाने की मांग की।

संगठन के मीडिया प्रभारी गुरुदीन वर्मा के अनुसार संघ (प्रगतिशील) के मुख्य महामंत्री धर्मेन्द्र गहलोत ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा सेना में मात्र 4 वर्ष की सेवा पर लेने के बाद बिना पेन्शन के घर भेजने की अग्निपथ योजना के तहत सेना में अग्निवीरों की भर्ती की घोषणा के साथ ही देश भर में अग्निपथ के स्थान पर आग लगना किसी भी स्थिति में केन्द्र सरकार के लिए शुभ संकेत नहीं हैं। केन्द्र सरकार एक-एक कर सरकारी उपक्रमों का निजीकरण कर सभी सरकारी संस्थानों को बडे पूंजीपतियों को बेचकर देश की जनता और युवाओं को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने का काम कर रही है। सरकारी नौकरी में ठेकेदारी प्रथा लाकर बेरोजगार युवाओं के सपनों को तोडकर उनके साथ कुठाराघात और धोखा कर रही है। देश की मजबुत सैन्य शक्ति को कमजोर करने का प्रयास किसी भी स्थिति में स्वीकार योग्य नहीं हैं। इस भर्ती से देश भर में केंद्र सरकार युवाओं को अग्निपथ की अग्नि में जलने की ओर धकेल रही है। जिसके परिणाम स्वरूप आज देश के विभिन्न राज्यों में युवा केन्द्र सरकार की इस योजना का विरोध कर सडकों पर आ गए हैं तथा सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा दिखा रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार युवाओं की मांग को दरकिनार कर इन बेरोजगार युवाओं को इस योजना का नफा-नुकसान का प्रसार-प्रचार कर योजना को लाभकारी बताकर युवाओं को ठेंगा दिखाने का प्रयास कर रही है। मुख्य महामंत्री गहलोत ने कहा कि आज देश में अराजकता और आक्रोश का माहौल है। ऐसे में देश के युवा इस अग्निपथ योजना की अग्नि में न जले ,इसके लिए केन्द्र सरकार को इस योजना पर अविलम्ब रोक लगाकर देश में शान्ति का माहौल बनाना चाहिए।

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