Category : राजनीतिक

राजनीतिक

पिचहत्तर में रिटायरमेंट : कहीं पे निगाहें, कहीं पे निशाना – मुकेश “कबीर”

newsadmin
neerajtimes.com – राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने 75 साल की उम्र में रिटायर्मेंट की बात जबसे की है तबसे राजनीतिक हलकों में खलबली...
राजनीतिक

साहित्य का मंच या शिकार की मंडी? – प्रियंका सौरभ

newsadmin
  nNeerajtimes.com – नई लेखिकाओं के उभार के साथ-साथ जिस तरह साहित्यिक मंडियों में उनकी रचनात्मकता की बजाय उनकी देह, उम्र और मुस्कान का सौदा...
राजनीतिक

वास्तविकता के दाग-धब्बों को छिपाने का माध्यम बना सोशल मीडिया – विवेक रंजन श्रीवास्तव

newsadmin
neerajtimes.com – अजब दौर है , हर कोई अपनी ‘वाल’ या ‘स्टेटस’ पर ऐसी चमकती-दमकती बौद्धिकता और आदर्शवाद का प्रदर्शन करता है, मानो गांधी, नेल्सन मंडेला...
राजनीतिक

ई-वोटिंग: लोकतंत्र की मजबूती या तकनीकी जटिलता? ✍️ डॉ. सत्यवान सौरभ

newsadmin
neerajtimes.com – ई-वोटिंग मतदान प्रक्रिया को सरल, सुलभ और व्यापक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम हो सकता है। बिहार के प्रयोग से स्पष्ट...
राजनीतिक

ग्राम मिगरपुर में मनाई गई राजेश पायलट की पुण्यतिथि

newsadmin
neerajtimes.com देवबंद – ऐतिहासिक ग्राम मिरगपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं किसान नेता राजेश पायलट जी की मूर्ति (समाधि) पर पहुंचकर उन्हें फूल माला पहनाई...
राजनीतिक

अशोभनीय आचरण वाले पार्टी प्रवक्ताओं पर अंकुश आवश्यक – डॉ. सुधाकर आशावादी

newsadmin
  neerajtimes.com – सार्वजनिक मंचों पर चर्चित होने की चाहत व्यक्ति को कितना पथ भ्रष्ट कर सकती है। इसके अनेक उदाहरण नेताओं की बहकती ज़ुबान...
राजनीतिक

कैमरे की नजर में बेशर्मी के हाईवे (व्यंग्य) – सुधाकर आशावादी

newsadmin
  neerajtimes.com – कई स्थानों पर लिखा रहता है कि आप कैमरे की नजर में हैं, मगर वहाँ कैमरे नही होते। जहां कैमरे होते हैं,...
राजनीतिक

धन और समय की बर्बादी से बचाव – एक देश एक चुनाव- डॉ. सुधाकर आशावादी

newsadmin
neerajtimes.com – राष्ट्र को सुदृढ़ता प्रदान करने के लिए व्यवस्था को जटिल बनाए रखने से अच्छा है कि जटिल समस्याओं का समाधान व्यवस्था में सरलीकरण...
राजनीतिक

धन और समय की बर्बादी से बचाव – एक देश एक चुनाव – डॉ. सुधाकर आशावादी

newsadmin
neerajtimes.com – राष्ट्र को सुदृढ़ता प्रदान करने के लिए व्यवस्था को जटिल बनाए रखने से अच्छा है कि जटिल समस्याओं का समाधान व्यवस्था में सरलीकरण...
राजनीतिक

दहेज का विरोध, पर मालदार की चाहत क्यों?- डॉ. सत्यवान सौरभ

newsadmin
  neerajtimes.com – दहेज़ लेने वालो के मुंह पे थूकने से फुर्सत मिल गई हो तो  थोड़ा एकलौता मालदार लड़का ढूंढने वालो के मुंह पे...