मनोरंजनग़ज़ल हिंदी – जसवीर सिंह हलधरnewsadminDecember 7, 2022 by newsadminDecember 7, 20220631 सर जहां पर था हमारा पैर कर आए हैं हम, मुल्क बटवारे में अपने गैर कर आए हैं हम। आब सतलज और रावी का...
मनोरंजनसादगी – मधु शुक्लाnewsadminDecember 6, 2022 by newsadminDecember 6, 20220372 सादगी से जिंदगी जो जी रहे संसार में, वे करें विश्वास पावन कर्म के विस्तार में। रूप पोषाकें लुभा सकतीं नहीं हर एक को,...
मनोरंजनभोजपुरी पूर्णिका (जी जर गइल) – श्याम कुंवर भारतीnewsadminDecember 6, 2022 by newsadminDecember 6, 20220320 दर्द देवे वाली सुनीला, हमार प्यार से जी जर गइल। जिंदा हई मगर मानिला, आशिक तोहार अब मर गइल। चैन आवे ना दिन में...
मनोरंजनइक नजर देखो — अनिरुद्ध कुमारnewsadminDecember 5, 2022 by newsadminDecember 5, 20220377 भुला नफरत रहें मिलके मुहब्बत का असर देखो, जमाना प्यार का भूखा जरा दिलमें पसर देखो। इसे हीं जिंदगी समझो सदा दिल को सुकूँ...
मनोरंजनमुक्तिका ( ग़ज़ल) – जसवीर सिंह हलधरnewsadminDecember 5, 2022 by newsadminDecember 5, 20220309 दूर तक बस्ती हमारी जा रही है । चाँद पर कश्ती उतारी जा रही है । मानते थे जो सपेरा देश मेरा सोच ये...
मनोरंजनग़ज़ल – विनोद निराशnewsadminDecember 4, 2022 by newsadminDecember 4, 20220797 जिस दर पे मुश्किल पहरा था , दिल मेरा भी वहीँ ठहरा था। सुर्ख लब जाम-ए-मय हो जैसे, मरमरी बदन वो इकहरा था। ...
मनोरंजनदौलत में जकड़ी दुनिया – मुकेश मोदीnewsadminDecember 3, 2022 by newsadminDecember 3, 20220781 दौलत का लालच, बन गई भयंकर बीमारी, जकड़ गई इसमें देखो, सारी दुनिया बेचारी। दफ्तर के हर कौने में, दिखते हैं रिश्वतखोर, भ्रष्टाचार का...
मनोरंजनमाँ-बाप को भूला दिया – गुरुदीन वर्माnewsadminDecember 2, 2022 by newsadminDecember 2, 20220366 उन माँ-बाप को भूला दिया, जन्म जिन्होंने हमको दिया। मान लिया बोझ उनको, पालन- पोषण जिन्होंने किया।। उन माँ-बाप को भूला दिया——————।। हमारे जन्म से...
मनोरंजनगजल- ऋतु गुलाटीnewsadminDecember 2, 2022 by newsadminDecember 2, 20220386 जिंदगी का आइना भी खो गया। चाह का था आसरा भी खो गया। बिन तुम्हारे हम अजी कैसे जिये। दूरियों का सिलसिला भी हो...
मनोरंजनसरसर पवन शरद ले आई – अनिरुद्ध कुमारnewsadminDecember 1, 2022 by newsadminDecember 1, 20220359 कुसुम कली यौवन झकझोरे, पुष्प पात मदमस्त हिलोरे, कमल अंजुरी रत्न बटोरे, जड़ चेतन में सिहरन छाई, अलसाई लगती तरुणाई। सरसर पवन शरद ले आई।...