मनोरंजन“मकस कहानिका” का काठमांडू अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन हुआ सम्पन्नnewsadminAugust 12, 2025 by newsadminAugust 12, 20250313 neerajtimes.com – काठमांडू – अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से “कहानिका” हिंदी पत्रिका के तत्वावधान में काठमांडू, (नेपाल) में संस्था का...
मनोरंजनग़ज़ल (हिंदी) – जसवीर सिंह हलधरnewsadminAugust 11, 2025August 11, 2025 by newsadminAugust 11, 2025August 11, 2025089 दीप की लौ है अधूरी तम उसे भरमा रहा है । सूर्य के हस्ताक्षरों पर धुंध कुहरा छा रहा है । द्रोपदी का...
मनोरंजनगजल – मधु शुक्लाnewsadminAugust 11, 2025 by newsadminAugust 11, 20250207 पड़ गई पीछे मुसीबत क्या करें, इश्क की छूटे न आदत क्या करें। पास रहकर भी न हों जो पास में, हम भला...
मनोरंजनधरती अंबर पार ठिकाना – अनिरुद्ध कुमारnewsadminAugust 10, 2025 by newsadminAugust 10, 20250285 आना जाना सफ़र सुहाना। यह जीवन है इक नजराना।। हँसतें रोतें आना जाना। दुनिया का ये चलन पुराना।। भ्रमण करें धरती पर आ...
मनोरंजनजिंदगी – डॉ. रेखा मित्तलnewsadminAugust 10, 2025 by newsadminAugust 10, 20250149 दो प्याली चाय कुछ कविताएं कुछ कहानियां संग तुम्हारी बातें गंभीर सी हंसी न जाने वह सुरमई सी शाम बहुत याद आती हैं तुम्हारे...
मनोरंजनरक्षा बंधन (भोजपुरी) – श्याम कुंवर भारतीnewsadminAugust 9, 2025 by newsadminAugust 9, 20250283 आई गइल रक्षा बंधन के त्यौहार हो , हरदम बनल रही भाई बहिन के प्यार हो। जइसे मिलल माई बाप के हमके दुलार हो ।...
मनोरंजनराखी पर फिर लौटें बचपन में – सुनील गुप्ताnewsadminAugust 9, 2025 by newsadminAugust 9, 20250267 ( 1 ) आओ लौट चलें फिर बचपन में, इस राखी पर हम भाई बहन ! खूब खेलें खेल डूबे मस्ती में…, पर्व मनाएं ये...
मनोरंजनग़ज़ल – कशिशnewsadminAugust 9, 2025 by newsadminAugust 9, 20250150 यह तमन्नाओं का गुलज़ार बहुत अच्छा है, मौसम-ए-हिज्र तो इस बार बहुत अच्छा है। ज़िन्दगी आई थी कुछ ख़्वाब सी शर्तें ले कर,...
मनोरंजनझूला झूलो, चाँद के संग – डॉ. सत्यवान सौरभnewsadminAugust 9, 2025 by newsadminAugust 9, 20250193 झूला झूलो, चाँद के संग, सितारों की छाँव में रंग। हवा के झोंके नन्हे पंख, सपनों में उड़ें दिल के तंख। माँ की लोरी सुनते-गाते,...
मनोरंजनराखी की चिट्ठी (कहानी) – :डॉ. प्रियंका सौरभnewsadminAugust 8, 2025 by newsadminAugust 8, 20250292 neerajtimes.com – कविता ने खिड़की से बाहर देखा। आसमान पर बादल तैर रहे थे, पर हवा में कोई नमी नहीं थी। आज रक्षाबंधन था —...