मनोरंजनग़ज़ल – रीता गुलाटीnewsadminOctober 30, 2025 by newsadminOctober 30, 20250142 करे जो देश की सेवा,उन्ही के नाम होते हैं। लड़े जो देश की खातिर,नही गुमनाम होते हैं। सुनो बातें जमाने की,निकाले दोष गैरो के।...
मनोरंजनएक पुराना पेड़ – सुनील गुप्ताnewsadminOctober 30, 2025 by newsadminOctober 30, 20250163 एक पुराना पेड़ पीपल का खड़ा अटल किनारे सड़क पे ! देता घनी छाँव राहगीरों को.., गर्मी सर्दी हरेक मौसम में ये !!1!! कभी...
मनोरंजनगीतिका – मधु शुक्ला newsadminOctober 29, 2025 by newsadminOctober 29, 20250161 सुख दुख मिलकर जहाँ बाँटते, कहलाता परिवार। प्रीत परस्पर त्याग भाव ही, जीने का आधार। जीवन पथ के कंटक जब – जब, भटकाते...
मनोरंजनमानव का जीवन – जसवीर सिंह हलधरnewsadminOctober 28, 2025 by newsadminOctober 28, 20250136 कड़वा मीठा या खट्टा है,मानव का जीवन पट्टा है । हैं एक पक्ष के हस्ताक्षर ,दूजे को कुछ अधिकार नहीं ।। पहरा है उसका सांसों...
मनोरंजनछठ पर्व – कर्नल प्रवीण त्रिपाठीnewsadminOctober 28, 2025 by newsadminOctober 28, 20250129 व्रत रखें सब लोग दिन भर साँझ को पूजन करेंगे। टोकरी में ठेकुआ, फल-फूल भर सिर पर धरेंगे। हों खड़ें जल में सभी जन अर्घ्य...
मनोरंजनभोजपुरी छठ गीत – श्याम कुंवर भारतीnewsadminOctober 28, 2025 by newsadminOctober 28, 20250164 सइयां से पुछेली दुलहीनिया, कई से अबकी छठ होई दईया। जइसे भईल पिछला साल धनिया पूरा करिहें अबकी छठ मईया । कई से अबकी छठ………..।...
मनोरंजनप्रकृति के रंग – रश्मि मृदुलिकाnewsadminOctober 28, 2025 by newsadminOctober 28, 20250124 सात रंग बिखर जाते हैं| क्षितिज के आखिरी छोर तक, कभी चमकीले तारों में दिखते, सुनहरे रंग संध्या के नैत्र तक, सफेद रंगों में...
मनोरंजनतख्ती और स्लेट – रेखा मित्तलnewsadminOctober 26, 2025 by newsadminOctober 26, 20250116 सफाई करते हुए मिली एक पुरानी तख्ती,!! आजकल तो बच्चे शायद इसको जानते ही नहीं। लकड़ी की तख्ती जिसको मुल्तानी मिट्टी से लीप कर, सूखा...
मनोरंजनभाई दूज का त्यौहार – सुनील गुप्ताnewsadminOctober 25, 2025 by newsadminOctober 25, 20250175 अटूट प्रेम समर्पण भाव का आया भाई दूज का त्यौहार ! कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि.., खिले शुभानन, बरसे प्रेम प्यार !!1!! ममत्व प्रेम संग पूजन...
मनोरंजनपेंशन नहीं, पराक्रम दो – प्रियंका सौरभnewsadminOctober 24, 2025 by newsadminOctober 24, 20250100 नेताओं की मेवा बहुत हो गई, अब सेवा की बारी है, जो वादा करते सीमा पर जान देने का, अब घर से शुरुआत जरूरी है।...