Category : उत्तराखण्ड

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सेलाकुई क्रिकेट टूर्नामेंट (छठा संस्करण) टूर्नामेंट का आयोजन किया

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देहरादून। सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल देहरादून द्वारा विद्यालय के क्रिकेट-मैदान  में क्रिकेट के छठे संस्करण के टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में देश के प्रतिष्ठित विद्यालयों...
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सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल ने बनाया उत्कृष्ट कीर्तिमान

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा आयोजित वर्ष 2023 की बोर्ड परीक्षा में विद्यालय के कक्षा दसवीं के छात्रों ने लगातार शानदार अंकों के साथ...
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घटती कृषि योग्य भूमि एवं जलवायु परिवर्तन भारत को खाद्य संकट की ओर ले जा सकता है- विकास कुमार

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भारत एक विशाल और विविधताओं से भरा देश है जिसमें विभिन्न कारक हैं जो विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य संकट में योगदान करते हैं। भारत में खाद्य संकट के कुछ प्रमुख कारणों में शामिल हैं: जलवायु परिवर्तन: अनियमित वर्षा पैटर्न, लगातार सूखा और बाढ़ जलवायु परिवर्तन के कुछ ऐसे प्रभाव हैं जिनका भारत में खाद्य उत्पादन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।  जलवायु परिवर्तन के कारण फसलों का विनाश हुआ है, पशुधन की हानि हुई है, और जल संसाधनों की कमी हुई है, जिससे कई क्षेत्रों में भोजन की कमी हो गई है। खराब इंफ्रास्ट्रक्चर: अपर्याप्त परिवहन, भंडारण और वितरण इंफ्रास्ट्रक्चर भारत में खाद्य संकट का एक और महत्वपूर्ण कारण है।  कुशल परिवहन प्रणालियों की कमी के कारण एक क्षेत्र में उत्पादित भोजन देश के अन्य हिस्सों तक नहीं पहुंच सकता है जहां इसकी आवश्यकता है। गरीबी और असमानता: भारत में जनसंख्या का एक महत्वपूर्ण प्रतिशत गरीबी रेखा से नीचे रहता है और भोजन जैसी बुनियादी आवश्यकताओं को वहन करने के लिए संघर्ष करता है।  संसाधनों और धन का असमान वितरण समस्या को बढ़ा देता है, जिससे कुछ क्षेत्रों में भोजन की कमी हो जाती है जबकि अन्य क्षेत्रों में अधिक आपूर्ति के कारण भोजन बर्बाद हो जाता है। वही मुद्रास्फीति और बढ़ती खाद्य कीमतें जैसे आर्थिक कारक भी लोगों के लिए भोजन तक पहुंच को कठिन बनाकर खाद्य संकट में योगदान कर सकते हैं। कृषि पद्धतियां: पारंपरिक कृषि पद्धतियां, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर अत्यधिक निर्भरता, और अपर्याप्त फसल रोटेशन से मिट्टी की कमी और फसल की विफलता हो सकती है, जिससे खाद्य उत्पादन कम हो सकता है। पानी की कमी: भारत में कृषि पानी का एक प्रमुख उपयोगकर्ता है, और देश के कई क्षेत्र पानी की कमी का सामना कर रहे हैं।  यह उस भूमि की मात्रा को सीमित कर सकता है जिस पर खेती की जा सकती है और फसल की पैदावार कम हो सकती है, जिससे खाद्य संकट पैदा हो सकता है। मिट्टी का क्षरण: रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग के साथ-साथ अस्थिर कृषि पद्धतियों से मिट्टी का क्षरण हो सकता है, भूमि की उर्वरता कम हो सकती है और फसल उगाना कठिन हो सकता है। महामारी: कोविड-19 महामारी का भारत की खाद्य प्रणालियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है, जिससे खाद्य कीमतों में वृद्धि, खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान और खाद्य क्षेत्र में किसानों, व्यापारियों और अन्य हितधारकों के लिए आय का नुकसान हुआ है। जनसंख्या वृद्धि: भारत की तेजी से बढ़ती जनसंख्या देश की खाद्य प्रणालियों पर दबाव डालती है, जिससे बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त भोजन का उत्पादन करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इन अंतर्निहित कारणों को संबोधित करने के लिए सरकारी नीतियों, बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी में निवेश, स्थायी कृषि प्रथाओं और गरीबी और असमानता को दूर करने के प्रयासों को शामिल करते हुए एक व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता होगी।...
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मणिपुर से छात्र-छात्राएं सकुशल लौटे देहरादून,जताया मुख्यमंत्री धामी का आभार

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देहरादून। मणिपुर से 17 लोग आज सुकशल देहरादून पहुँच गए। इनमें 14 छात्र-छात्राएं एवं एक फैकल्टी व उनके परिवार के दो सदस्य शामिल हैं। देहरादून...
उत्तराखण्ड

एनसीपीसीआर के सदस्य डॉ.आरजी आनंद ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट का निरीक्षण किया

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राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के सदस्य डॉ.आरजी आनंद बुधवार को बड़कोट पहुंचे। उन्होंने एसडीएम जितेंद्र कुमार, प्रभारी चिकित्सा अधिकारीऔर आईसीडीएस अधिकारी के साथ...
उत्तराखण्ड

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में कोष प्रबन्धन समिति की बैठक सम्पन्न हुयी

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मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबन्धन समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। मुख्य सचिव ने...
उत्तराखण्ड राजनीतिक

बिना पायलट का जहाज़ है कांग्रेस : चौहान

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देहरादून। भाजपा ने कांग्रेस द्वारा लांच एल्बम को सस्ती लोकप्रियता के लिए नाटक और रसातल से उबरने के लिए गीत गानों की आजमाइश पर भरोसा...
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श्री परबतभाई सवाभाई पटेल के नेतृत्व में कमेटी ऑन वाटर रिसॉर्सिस भारत सरकार ने हरिद्वार का भ्रमण किया

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हरिद्वार: श्री परबतभाई सवाभाई पटेल के नेतृत्व में मंगलवार को स्टैण्डिंग कमेटी ऑन वाटर रिसॉर्सिस भारत सरकार ने हरिद्वार का भ्रमण किया। समिति के पदाधिकारियों...
उत्तराखण्ड

कुबेर ग्लेशियर से बर्फ हटाने का कार्य श्रमिकों द्वारा भारी बर्फवारी में किया जा रहा है

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श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुगम एवं सरल बनाने लिए केदारनाथ धाम में दर्शन करने आ रहे तीर्थ यात्रियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों...
उत्तराखण्ड राजनीतिक

पूर्व जिप अध्यक्ष, दर्जनों बीडीसी और प्रधान सहित सैकड़ों लोगों ने ली भाजपा की सदस्यता

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देहरादून 8 मई, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट एवं पूर्व सीएम तथा हरिद्वार सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक की मौजूदगी में दो पूर्व जिला...