neerajtimes.com गिरीडीह ( झारखंड) । महात्मा गॉंधी के जयंती पर भूमि संरक्षण पदाधिकारी सह पीआईए द्वारा डुमरी प्रखण्ड के दूधपनिया में 280, खाखीखुर्द में 1121, नगलो में 840, मदगोपाली में 280, भरखर में 1121 के अलावे 4000 से अधिक लाभार्थियों को मशरूम उत्पादन कीट एवं अन्य सामग्रियों का वितरण किया गया। इसके पूर्व लाभुकों को मशरूम उत्पादन का प्रायोगिक विधियों के साथ प्रशिक्षण भी दिया गया ताकि वह लगातार मशरूम उत्पादन से अपना जीविकोपार्जन कर आत्मनिर्भर बन सकें। जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, आशीष प्रताप ने कहा कि जनभागीदारी से ही बनेगा समृद्ध एवं सतत ग्राम। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता के लिए मशरूम उत्पादन सर्वोत्तम है।उन्होंने कहा कि जलछाजन का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण,मृदा संरक्षण, जलछाजन विकास और आजीविका संवर्धन है। यह विशिष्ट कार्यक्रम झारखंड राज्य जलछाजन मिशन के तहत हमारा योजना, हमारा विकास प्रधानमंत्री कृषि विकास योजना के तहत जलछाजन विकास योजना – 2.0 के अन्तर्गत कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन उत्क्रमित मध्य विद्यालय, दूधपनिया में किया गया।
कार्यकारी एजेन्सी एपीपी एग्रीगेट खूंटी के निदेशक प्रभाकर कुमार ने कहा कि मशरूम उत्पादन से जीवन में सुधार संभव है। हमारे द्वारा लाभार्थियों को बाजारीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराया जाएगा।
मौके पर अंचलाधिकारी डुमरी,कृषि विभाग के अंजु देवी दुरपनिया के मुखिया, जनेश्वर महतो, लीलो महतो, प्रशिक्षक डॉ अनमोल कुमार, नवीन पाण्डेय, मणिकांत , कन्हैया जी आदि मौजूद थे। रिपोर्ट डॉ अनमोल कुमार
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